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1यह वास्तव में क्या के लिए है?
सरल शब्दों में कहें तो इसके दो कार्य हैंः
बड़े अणुओं को छोटे अणुओं में विभाजित करें
उदाहरण के लिए, बालों, फाइबर, वसा, और मैक्रोमोलेक्यूलर कार्बनिक पदार्थ - ये पदार्थ सीधे अगले टैंक में जाते हैं, जिसे बैक्टीरिया बस "पाचन" नहीं कर सकते हैं।
हाइड्रोलिसिस और एसिडिफिकेशन टैंक में मौजूद एनेरोबिक बैक्टीरिया सबसे पहले उन्हें तोड़ते हैं, उन्हें नरम करते हैं और उनके आकार को कम करते हैं।
2जैव अपघट्यता में सुधार
इससे बाद के बैक्टीरिया के लिए पहले से ही मुश्किल से साफ होने वाले अपशिष्ट जल को पचाना आसान हो जाता है, जिससे बाद के टैंकों पर बोझ कम हो जाता है और परिणामस्वरूप अधिक स्थिर और स्वच्छ अपशिष्ट होता है।
II. सिद्धांत
पूरी प्रक्रिया में केवल दो चरण होते हैंः
हाइड्रोलिसिसः बड़े टुकड़ों को छोटे टुकड़ों में तोड़ना
मैक्रोमोलेक्यूल और अपशिष्ट जल में ठोस कार्बनिक पदार्थ, अशक्त जीवाणुओं की क्रिया के तहतः
प्रोटीन → अमीनो एसिड, स्टार्च → चीनी, तेल → फैटी एसिड
बड़े टुकड़े छोटे टुकड़ों में बदल जाते हैं, ठोस पदार्थ विघटित हो जाते हैं।
2अम्लीकरण: छोटे अणुओं का और "गर्भाधान"
छोटे अणुओं को तोड़कर बैक्टीरिया द्वारा उबलाया जाता है, जो कार्बनिक एसिड, अल्कोहल आदि में बदल जाता है।
यह कदम पानी को थोड़ा अम्ल बना देगा, इसलिए "अम्लकरण" शब्द है।